जलस्रोतों को सहेजना हम सभी की जिम्मेदारी: श्रीमती मायासिंह

By 10:23 PM, 13.May 2018 Custom Tag

ग्वालियर में पिछले वर्षों में हुई अल्पवर्षा को देखते हुए जल संवर्धन एवं जल संरक्षण के लिए विशेष प्रयास किए जा रहे हैं। इसी के तहत जिला प्रशासन एवं नगर निगम द्वारा ग्वालियर शहरी क्षेत्र में बांध, तालब एवं बावडियों को पुर्नजीवित कर रीचार्ज करने के प्रयास प्रारंभ कर दिए है। इसी क्रम में शारदा विहार स्थित पुरानी बाबडी के संरक्षण एवं पुर्नजीवित करने के लिए श्रमदान के माध्यम से अभियान चलाया जा रहा है। अभियान का प्रारंभ रविवार 13 मई से किया गया। 
      श्रमदान अभियान के शुभारंभ अवसर पर प्रदेश सरकार की नगरीय विकास एवं आवास मंत्री श्रीमती मायासिंह, उच्च शिक्षा एवं लोकसेवा प्रबंधन मंत्री जयभानसिंह पवैया, महापौर विवेक शेजवलकर, कलेक्टर राहुल जैन, निगमायुक्त विनोद शर्मा, राजामानसिंह विश्वविद्यालय की कुलपति श्रीमती लवली शर्मा, बीज विकास निगम के पूर्व अध्यक्ष महेन्द्र यादव, जितेन्द्र यादव, संतोष राठौर,  सतेन्द्र यादव सहित बडी संख्या में विभिन्न राजनैतिक दलों के कार्यकर्ता, विभिन्न समाजसेवी संस्थाओं कार्यकर्ता एवं आमनागरिक गणों की सहभागिता रही। इसके साथ निगम का अमला पूरी मशीनरी एवं संसाधनों के साथ बाबडी के सफाई अभियान कार्य कर रहा है।
        इस अवसर पर प्रदेश सरकार की मंत्री श्रीमती मायासिंह ने कहा कि आज जल का संरक्षण करना आवश्यक है इसके लिए हमें हमारे पूर्वजों द्वारा बनाए गए जलस्रोतों को सहेजना समय की आवश्यक है ताकि जल संरक्षण की गति को निरंतरता प्रदान की जा सके। श्रीमती मायासिंह ने कहा कि जल संरक्षण अभियान में सहभागिता करना बहुत ही पुण्य का कार्य है, सभी नागरिक अपनी सामर्थ्यानुसार श्रमदान में सहयोग प्रदान कर इस पुण्य कार्य को आगे बढाएं। 
      महापौर ने कहा कि श्रमदान करना सबसे बडा दान है तथा जल संरक्षण से पूर्व यदि हम नए जलस्रोतों को विकसित करने पर विचार करें तो यह बहुत ही मुश्किल कार्य होगा तथा हमारे लिए सबसे अच्छी बात यह है कि हमारे पूर्वजों ने जल के स्रोत जो बनाए थे।
        इस अवसर पर निगमायुक्त विनोद शर्मा ने कहा कि पुरानी बाबडी, तालाब एवं बांध आदि को संरक्षित एवं पुर्नजीवित करने के लिए प्रत्येक जन के सहयोग की आवश्यकता है क्योंकि बिना सभी के सहयोग के यह अभियान संभव ही नहीं है। सभी नागरिकों को दायित्व है कि अपने अपने स्तर पर श्रमदान कर पुरानी कुएं, बाबडी एवं बांधों को संरक्षित करने में सहभागिता करें। 

www.newsmailtoday.com से जुड़े अन्य अपडेट हासिल करने के लिये हमें फेसबुक और

ट्विटर पर फॉलो करें

By 10:23 PM, 13.May 2018Custom Tag
Write a comment

 Comments

खबर अभी अभी