अद्वैतवाद दर्शन में दुनिया की सब समस्याओं का समाधान निहित है -सीएम शिवराजसिंह

By 11:58 PM, 10.January 2018 Custom Tag

ग्वालियर भौतिकता की अग्नि में दग्ध दुनिया को शांति का दिगदर्शन अद्वैत दर्शन ही करायेगा। भारतीय सांस्कृतिक एकता एवं सामाजिक समरसता के ध्वज वाहक आदि गुरू शंकराचार्य द्वारा बताए गए अद्वैतवाद दर्शन में दुनिया की सब समस्याओं का समाधान निहित है। उक्त आशय के विचार सीएम शिवराजसिंह चौहान ने व्यक्‍त किए। श्री चौहान बुधवार को ग्वालियर में आदि गुरू शंकराचार्य की प्रतिमा के लिये धातु संग्रहण एवं जन.जागरण के उद्देश्य से आई ‘‘एकात्म यात्रा’’ के तहत आयोजित हुए जन संवाद कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे।
‘‘एकात्म यात्रा’’ के तहत आयोजित जन संवाद कार्यक्रम में श्री चौहान ने कहा कि भारतीय संस्कृति विश्व के कल्याण की बात कहती है। जब सभी प्राणियों में एक ही आत्मा है तो जातिवाद,  संप्रदायवाद व क्षेत्रवाद जैसी बातों का कोई अर्थ नहीं रह जाता। हमारी संस्कृति कहती है कि पशु.पक्षियों,  पेड़.पौधों में भी एक ही चेतना और ईश्वर का वास है। देवी.देवताओं की सवारी भी पशु बताए गए हैं। इसीलिए भारतीय सनातन संस्कृति में नदियों को माता और पहाड़ों व प्रकृति को देवी.देवता तुल्य मानकर पूजा जाता है। 
जिसके माध्यम से कलश के रूप में धातु संग्रहण और पवित्र मिट्टी इकट्ठी की जा रही है। यह मिट्टी आदि गुरू शंकराचार्य की प्रतिमा का आधार बनेगी और धातु का उपयोग प्रतिमा निर्माण में होगा। 
महामण्डलेश्वर स्वामी परमानंद जी महाराज ने अपने आशीर्वचन देते हुए कहा कि सनातन संस्कृति की रचना किसी एक समुदाय या धर्म से नहीं हुई हैए बल्कि इसके रचनाकार सर्वसमाज के लोग हैं। उन्होंने कहा जब तक हम एक होकर नहीं रहेंगेए तब तक समाज व संविधान की रक्षा नहीं कर पायेंगे। 
महामण्डलेश्वर राधे.राधे महाराज ने कहा कि आदि शंकराचार्य की मूर्ति स्थापित होने से पहले एकात्मता का भाव जन.जन तक पहुँचाने के उद्देश्य से एकात्म यात्रा निकाली गई है। मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान की यह पहल सराहनीय है। 
आरंभ में मुख्यमंत्री ने एकात्म यात्रा में आईं आदि गुरू शंकराचार्य की पादुकाओं एवं यात्रा कलश का सपत्नीक पूजन किया। साथ ही कन्या पूजन एवं पादपृच्छालन कर संतजनों से आशीर्वाद लिया। उन्होंने इस अवसर पर शॉल.श्रीफल भेंट कर संतजनों का अभिनंदन भी किया। 
उच्च शिक्षा मंत्री पवैया सिर पर चरण पादुका धारण कर पहुँचे 
‘‘एकात्म यात्रा’’ के साथ आईं आदि शंकराचार्य की पादुकाओं को उच्चशिक्षा मंत्री जयभान सिंह पवैया अपने सिर पर धारण कर संवाद कार्यक्रम स्थल पहुँचे। फूलबाग मैदान परिसर में चारों ओर फहराती सनातन संस्कृति की धर्म ध्वजायें और मंगल कलशों से सजे.धजे प्रांगण ने पूरे प्रांगण को भक्तिमय बना दिया। 
66 वार्डों व ग्रामीण क्षेत्रों से भी आईं उपयात्रायें 
ग्वालियर शहर के 66 वार्डों और जिले के ग्रामीण अंचल से भी उपयात्रायें निकलीं। मंगल कलश व गाँव की पवित्र मिट्टी धारण किए हुए महिला.पुरूष इन यात्राओं में शामिल हुए और मंगलगान गाते हुए फूलबाग मैदान पहुँचे। 
शंख ध्वनि के साथ शुरू हुआ मुख्यमंत्री का उदबोधन 
मुख्यमंत्री के उदबोधन से पहले ग्वालियर निवासी आनंदक विक्रम राणा ने मधुर शंख वादन किया। श्री चौहान ने उनके शंख वादन की सराहना की और पुष्पाहार से स्वागत किया। 
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