650 करोड़ रुपये के टेंडर से सोम ग्रुप को रउ ने किया बाहर

By 11:21 PM, 12.March 2018 Custom Tag

भोपाल. सुप्रीम कोर्ट की डबल बैंच ने सोम डिस्टलरी को शराब के ठेका देने संबंधी हाईकोर्ट की रोक को बरकरार रखा है। शराब कंपनी ने ठेका नहीं मिलने के मामले पर सुप्रीमकोर्ट का दरवाजा खटखटाया था। मामला लगभग 650 करोड़ के ठेके का है। 
उल्लेखनीय है कि डिस्टलरीज इंडस्ट्री में ग्रुप बनाकर काम करने वाले समूह और उसके सहयोगी पार्टनरों, कम्पनियों को एक अप्रैल से शुरू होने वाले वित्तवर्ष में किसी तरह का ठेका दिए जाने पर राज्य सरकार ने रोक लगा दी थी। इसके खिलाफ शराब कंपनी ने हाईकोर्ट की सिंगल बैंच में याचिका लगाई थी। कोर्ट ने याचिका की सुनवाई करते हुए सरकार की रोक को हटा दिया। सरकार ने सिंगलबैंच के निर्णय को डबल बैंच में चुनौती दी और तब डबल बैंच ने सरकार के निर्णय को सही ठहराया। जानकारी के मुताबिक शराब कंपनी ने हाईकोर्ट की डबल बैंच के निर्णय को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी। इस पर सुप्रीम कोर्ट की डबल बैंच में सोमवार को हुई सुनवाई के दौरान जस्टिस गोगोई और जस्टिस भानूमति की खंडपीठ ने हाईकोर्ट की डबल बैंच का फैसले को सही ठहराते हुए शराब कंपनियों पर ठेका देने पर रोक को बरकरार रखा है। 
यह है मामला
सरकार का राजस्व नहीं चुकाने और अन्य तरीके की गड़बडि़यों के चलते ब्लैकलिस्ट की गई डिस्टलरीज की गुलमोहर ट्रेडर्स के संचालक अनिल अरोरा और इनकी सहयोगी पार्टनर कंपनियों मेग्जिमा ट्रेडर्स भोपाल, मेसर्स मिलियन टेडर्स, अविनाश चालान एंड कंपनी, सत्संगी टेªडर्स को अगले वित्त वर्ष के लिए ठेके नहीं देने का फैसला लिया है। 
आबकारी आयुक्त अरूण कोचर द्वारा इसको लेकर सभी कलेक्टरों को लिखी चिट्ठी में कहा गया था कि वर्ष 2018.19 के लिए देसी विदेशी मदिरा की फुटकर बिक्री की नवीनीकरण और लाटरी प्रक्रिया के मामले में इन कम्पनियों को फिलहाल काम नहीं दिया जाए।
www.newsmailtoday.com से जुड़े अन्य अपडेट हासिल करने के लिये हमें  फेसबुक और ट्विटर पर फॉलो करें

By 11:21 PM, 12.March 2018Custom Tag
Write a comment

 Comments

खबर अभी अभी