निकली कन्हैया की बारात, रूकमणी संग हुआ विवाह

By 09:17 PM, 22.March 2017 Custom Tag

ग्वालियर। देववन में आज कन्हैया गाजे बाजे के साथ बग्घी में सवार होकर आये और रूकमणी संग विवाह रचाया। विवाह के दौरान पूरा माहौल हर्षोल्लासमय हो गया। उत्सवी माहौल में हर कोई झूम रहा था मानो धरती पर भगवान उतर आये हो और सभी भक्तिमय आंखों से उनके विवाह के इन अनमोल क्षणों को कैद करने को आतुर थे। 
रूकमणी का कन्यादान श्रीमद भागवत कथा के यजमान प्रहलाद गर्ग और पुष्पा गर्ग ने किया। जैसे ही कन्हैया बैंड बाजो के साथ देववन गार्डन पहुंचे तो घरातियों उनका सत्कार किया। कान्हा बृंदावन में आ गये के बीच ग्वालन बनी महिलाएं डांडिया, नृत्य कर भगवान के विवाह के जश्न में डूब गई। मंच पर भगवान के पहुंचते ही यजमान गर्ग दंपत्ति ने उनका अभिनंदन किया। इसके बाद रूकमणी के आते ही वरमाला कर कन्यादान किया गया। भगवान के विवाह के अवसर पर महिलाएं व उपस्थित जन अपनी भावनाएं नहीं रोक पा रहे थे। हर कोई उनके पैर छूकर सत्कार करने को आतुर दिखा। इससे पहले भगवान की बारात हनुमान चौराहे से शुरू हुई। बग्घी में सवार कन्हैया को देखने को लोग बेताब थे। वहीं भक्त नृत्य में मग्न रहे। स्थान स्थान पर बारात का स्वागत किया गया। बारात के गार्डन पहुंचते ही माहौल पूरा भक्तिमय हो गया।
कथा समाप्ति पर यजमान प्रहलाद गर्ग एवं पुष्पा गर्ग, अनिल गुप्ता, रेनू गुप्ता समेत समूचे गर्ग परिवार व सेवकगणों ने श्रीकृष्ण व भागवत भगवान की आरती उतारी। इसके बाद सभी को प्रसाद वितरण किया गया। अजय गर्ग एवं सुचि गर्ग के अनुसार गुरूवार 23 मार्च को सुदामा कथा का सुंदर वर्णन होगा। 

सुबह उठकर धरती मां को नमन करना चाहिए: प्रेमकृष्ण महाराज             
भागवताचार्य प्रेमकृष्ण महाराज ने आज से कहा कि सुबह जब वह सोकर उठे तो सबसे पहले धरती मां को नमन कर बड़ों का आर्शीवाद लेकर अपनी दिनचर्या की शुरूआत करें, इससे घर में खुशहाली आती है। बड़ों के आर्शीवाद से सभी बिगड़े काम भी बन जाते है।
भागवताचार्य के मुताबिक जीवन में सबसे बड़ा महत्व वाणी का होता है। वाणी आप कैसी बोल रहे हैं इससे बहुत फर्क पड़ता है। हमेशा सबसे मधुर बोलें, मधुर बोलने से जीवन में मधुरता घुलती है और सबमे प्रेमभाव बना रहता है। 

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