पुलिस फायरिंग में 11 नागरिकों की मौत

By 09:46 PM, 22.May 2018 Custom Tag

चेन्नई. तमिलनाडु के तूतिकोरिन में वेदांता ग्रुप के स्टेरलाइट कॉपर प्लांट के विरोध में चल रहा प्रदर्शन मंगलवार को हिंसक हो गया। हालात इतने बिगड़ गए कि भीड़ पर काबू पाने के लिए पुलिस को फायरिंग करनी पड़ी जिसमें 11 लोगों की मौत हो गई। 20 से अधिक लोग घायल बताए जा रहे हैं।
मृतकों के परिजनों को 10 लाख मुआवजा
प्रदर्शन के दौरान पुलिस फायरिंग से मारे गए लोगों के परिजनों के लिए राज्य सरकार ने 10 लाख रुपये मुआवजे की घोषणा की है। इसके अलावा मृतक के परिवार में से किसी 1 को सरकारी नौकरी देने का भी वादा किया है।  राज्य सरकार के अनुसार  घटना में घायल हुए लोगों को 3 लाख रुपये मुआवजा दिया जाएगा। मामले की जांच के लिए सरकार एक आयोग का भी गठन करेगी।
पहले भीड़ ने शुरू की हिंसा
समाचार एजेंसी के अनुसार राजधानी चेन्नई से 600 किमी दूर स्थित शहर में भीड़ ने हिंसा शुरू कर दी। भीड़ ने न केवल पुलिस पर पत्थबाजी की बल्कि सरकारी वाहनों और सार्वजनिक स्थानों पर आग लगा दी।  पुलिस ने उग्र होती भीड़ पर काबू पाने के लिए फायरिंग की जिसमें अब तक 11 लोगों की मौत हो गई है।
100 दिनों से प्लांट बंद करने की कर रहे हैं मांग
तूतिकोरिन की जनता लगभग 100 दिनों से प्लांट बंद करने की मांग कर रही है। इसे देखते हुए प्रशासन ने एहितयातन इलाके में धारा 144 लगा रखी है। इसके बावजूद प्रदर्शनकारी मंगलवार को काला झंडा लेकर चर्च के पास जमा हुए। प्रदर्शनकारियों के दूसरे ग्रुप ने भी पैदल मार्च किया।
पुलिस के अनुसार चर्च के पास लगभग 5 हजार लोग मौजूद थे। कॉपर प्लांट तक मार्च की मंजूरी नहीं मिलने के बाद वह लोग कलेक्ट्रेट तक रैली निकालने की मांग कर रहे थे। जब पुलिस ने इन्हें रोकने की कोशिश की तो प्रदर्शनकारी हिंसक हो गए। उन्हें रोकने के लिए पुलिस को गोली चलानी पड़ी। तूतिकोरिन में विरोध को देखते हुए 2हजार से अधिक पुलिस कर्मी तैनात किए गए हैं।

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