मैक्स ने बिना ईसीजी किये ही जिंदा बच्चे को मरा बताया था

By 09:35 PM, 06.December 2017 Custom Tag

नई दिल्ली। मैक्स अस्पताल के डॉक्टरों ने जुड़वां नवजातों के जन्म से मृत्यु तक किसी प्रोटोकॉहहील का पालन नहीं किया था। यहां तक की बच्चों की ध़कडन जाचें बिना ही मृत बताकर प्लास्टिक की पैकिग में पिता को सौंप दिया थ। इसका खुलासा 3 डॉक्टरों द्वारा की गई प्राथमिकी जांच में हुआ हैं।   
यह रिपोर्ट अस्पताल ने मंगलवार की रात स्वास्थ्य विभाग को सौंप दी। स्वास्थ्य मंत्री ने सोमवार तक यह रिपोर्ट मंागी थी। डॉक्टरों की लापरवाही यहीं तक सीमित नहीं थी। वर्षा ने 30 नवंबर को सुबह 7.30 से 7.45 बजे के बीच जुड़वां बच्चों को जन्म दिया था।
हमें फाइनल रिपोर्ट का इंतजार- मैक्स प्रबंधन
मैक्स अस्पताल ने बयान दिया है कि यह प्राथमिक जांच है, फाइनल रिपोर्ट का इंतजार कर रहे हैं। जांच में अधिकारियों की मदद कर रहे हैं। स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन ने प्राथमिक जांच के लिए 72 घंटे का समय और फाइनल जांच के लिए 7 दिन का समय दिया गया है।
जबकि  यह हैं नियम
मेडिकल प्रोटोकॉल के अनुसार जब नवजात शिशु संास लेना बंद कर देता है या उसकी पल्स रेट रुक जाती है तो उसका ईसीजी या अल्ट्रासाउंड करना चाहिए था। दोनों जाचों के बाद भी यदि रिपोर्ट सकरात्मक नहीं मिलती तो नवजात को मृत घोषित करना चाहिए था।

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