जोड़तोड़ शुरू-कुमारस्वामी की बैठक में नहीं पहुंचे 2 जेडीएस विधायक

By 04:37 PM, 16.May 2018 Custom Tag

नई दिल्ली। कर्नाटक में सत्ता के लिए भाजपा और जेडीएस और कांग्रेस ने कोशिशें तेज कर दी हैं। इसे लेकर तीनों पार्टियों ने विधायक दल की  बैठक की। जेडीएस की बैठक में 2 विधायक नहीं पहुंचे। उधर कांग्रेस और जेडीएस ने आरोप लगाया है कि भाजपा उनके विधायकों से संपर्क करने की कोशिश कर रही है। दोनों पार्टियों ने दावा किया कि उनके सभी चुने गए विधायक एक साथ है। कांग्रेस विधायक अमरेगौड़ा लिंगानागौड़ा पाटिल बाय्यापुर ने कहा कि भाजपा नेताओं ने उन्हें मंत्री पद का ऑफर दिया था। इससे पहले कहा गया कि बीएस येद्दियुरप्पा ने सरकार बनाने के लिए फिर ऑपरेशन लोटस छेड़ा है। वह कांग्रेस के 4 और जेडीएस के 6 विधायकों के संपर्क में हैं।  सबको मंत्री पद का ऑफर दिया है। यहा पर आपको बता दें कि जेडीएस, कांग्रेस  और भाजपा ने सरकार बनने का दावा पेश कर चुके हैं। इस चुनाव में भाजपा को 104, कांग्रेस को 78 और जेडीएस गठबंधन को 38 सीटें मिली हैं।
अपडेट्स
बीएस येदियुरप्पा ने कहा कि पार्टी ने विधायक दल का नेता मुझे चुना हैं। मैंने राज्यपाल को पत्र सौंपा है। उन्होंने मुझसे कहा कि वह उचित फैसला करेंगे। मुझे उम्मीद है कि वह मुझे बुलाएंगे। जेडीएस विधायक दल की बैठक में राजा वेंकटप्पा नयक्का और वेकंटराव नडगौड़ा नहीं पहुंचे।
येदियुरप्पा सरकार बनाने का दावा पेश करने के लिए राजभवन पहुंचे।
जेडीएस विधायक दल की बैठक शुरू।
केंद्रीय मंत्री सदानंद गौड़ा ने कहा कि हमारे सबसे अधिक विधायक हैं। कांग्रेस और जेडीएस कैसे सरकार बनाने की सोच सकते हैं। 
प्रकाश जावडे़कर ने कहा कि लोग भाजपा को चाहते हैं और हम सरकार बनाएंगे। विधायक दल की बैठक के बाद हम आवश्यक  कदम उठाएंगे।
कांग्रेस विधायक ने कहा मुझे ऑफर मिला था
कांग्रेस विधायक अमरेगौड़ा लिंगानागौड़ा पाटिल बाय्यापुर ने एएनआई को बताया कि मुझे भाजपा नेताओं का कॉल आया था। उन्होंने कहा कि हमारे साथ आ जाओं और हम आपकों मंत्रालय देंगे। हम आपकों मंत्री बनाएंगे। लेकिन मैंने इंकार कर दिया। हमारे सीएम एचडी कुमारस्वामी हैं।
येद्दियुरप्पा ने शपथ के लिए 17 मई का मुहूर्त भी निकलवाया
भाजपा ने कांग्रेस और जेडीएस के जिन विधायकों को ऑफर दिया है। उन्हें पार्टी हर स्थिति में सपोर्ट करेगी। अगर  विधायक  भाजपा को वोट देंते या फ्लोर टेस्ट के दौरान गैर हाजिर रहते हैं तो दोनों सूरत में दल बदल कानून के तहत इनकी सदस्यता जानी तय है। ऐसे में भाजपा ने उन्हें अपने टिकट पर उपचुनाव लड़ने का विकल्प दिया है। स्वयं न लड़कर यह चाहें तो किसी नाते रिश्तेदार को लड़वा सकते हैं। अगर कोई विधायक उपचुनाव नहीं लड़ना चाहता तो उसे विधान परिषद में एडजस्ट किया जाएगा।
राज्यपाल बुधवार को भाजपा को सरकार बनाने का न्योता दे सकते हैं। येद्दियुरप्पा ने शपथ के लिए 17 मई का मुहूर्त भी निकलवा लिया है। वह 21 को बहुमत साबित करेंगे।
मौजूदा स्थिति- भाजपा सबसे बड़ी पार्टी, बहुमत से 8 सीटें दूर
राज्य में कुल सीटें 224 हैं। बहुमत के लिए 113 जरूरी।
2 सीटों पर मतदान बाकी है। इसलिए बहुमत का आंकड़ा 112 है।

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