चंबल बुझायेगी मुरैना की प्यास, केन्द्र सरकार की हरी झंडी

By 11:36 AM, 25.April 2017 Custom Tag

*केन्द्रीय मंत्री तोमर का भागीरथी प्रयास*
नई दिल्ली/मुरैना/ग्वालियर। सामान्यत: एक परंपरा बन गयी है कि राजनीति के क्षेत्र में जब एकबार कोई व्यक्ति नये क्षेत्र से जनप्रतिनिधि बन जाता है तो वह अपने पुराने निर्वाचन क्षेत्र का ध्यान नहीं रख पाता है। लेकिन आज के युग में इसका अपवाद हैं केन्द्रीय मंत्री नरेन्द्र सिंह तोमर. वे पिछले सत्र में मुरैना-श्योपुर तथा वर्तमान सत्र में ग्वालियर संसदीय क्षेत्र से लोकसभा सदस्य हैं।  
ग्वालियर के साथ ही मुरैना-श्योपुर के विकास के लिए सदैव प्रयत्नशील रहने की श्रंखला में नये साल की शुरुआत में ही उन्होंने मुरैना के सबलगढ़ में 1500 करोड़ की रक्षा परियोजना, एक सैनिक स्कूल की सौगात दिलवाने के बाद केन्द्र सरकार में अपने प्रभाव का उपयोग कर श्योपुर जिले के वीरपुर से भिंड जिले के अटेर तक नवीन चंबल एक्सप्रेस मार्ग* को स्वीकृत करवा दिया है।  उपरोक्त दोनों *वृहद* परियोजनायें अब धरातल पर आकार लेने जा रहीं हैं। आगरा-मुंबई राजमार्ग पर स्थित मुरैना में पेयजल की किल्लत रहती है, जो गर्मियों के दिनों में भीषण रुप धारण कर लेती है.मुरैना से लोकसभा सांसद रहते हुए श्री तोमर ने इसका स्थायी निदान करने के लिए तत्समय स्थानीय प्रशासन को संबधित विभागों के साथ बैठकर *प्रस्ताव* तैयार करने के निर्देश दिए थे ।  
इसी क्रम में 7 अगस्त 2012 को एक प्रस्ताव तैयार किया जाकर वन विभाग के माध्यम से मध्यप्रदेश सरकार को संप्रेषित किया गया था, जो अनुशंसा के साथ UPA की तत्कालीन केन्द्र सरकार को भेजा गया था, लेकिन पेयजल का श्रोत चंबल नदी *राष्ट्रीय चंबल अभ्यारण* की परिधि में आने से भारत सरकार के वन एवं पर्यावरण मंत्रालय से *अनापत्ति* नहीं मिलने के कारण तत्कालीन केन्द्र सरकार ने परियोजना को ठंडे बस्ते में डाल दिया था. कहते हैं वक्त बदलते देर नहीं लगती, सो संयोग से 2014 में हुए लोकसभा के चुनाव में केन्द्र में भाजपा सरकार बनी और श्री तोमर उसमें कैबिनेट मंत्री बनाया गया। उन्होंने इस परियोजना को ठंडे बस्ते से निकालवाया और फिर हो गयी कवायत शुरु। 

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