वकीलों की फीस तय करने के लिये केंद्र सरकार कानून बनाएः सुप्रीम कोर्ट

By 09:24 PM, 06.December 2017 Custom Tag

नई दिल्ली। वकीलों की बढ़ती फीस पर सुप्रीम कोर्ट ने चिंता जाहिर की है। कोर्ट ने कहा वकीलों की लगातार बढ़ती फीस का परिणाम है कि आज न्याय गरीबों से दूर हो गया है। गरीब वादियों को न्याय नहीं मिल पा रहा है इसलिए आवश्यकता इस बात की है कि केंद्र सरकार ऐसा कानून बनाए जिससे वकीलों की फीस तय की जा सके।
गरीबों को भी न्याय पाने का पूरा हक
सुप्रीम कोर्ट के कई आदेश और लॉकमीशन की रिपोर्ट का हवाला देते जस्टिस आदर्श के गोयल और यूयू ललित की बेंच ने कहा कि अब समय आ गया है कि केंद्र सरकार कानूनी क्रियाकलापों में हस्तक्षेप करे जिससे गरीब लोगों को भी न्याय के लिए वकीलों की व्यवस्था सुनिश्चित हो।
वकीलों के लिये संसद उठाए कदम 
लॉ कमीशन ने कहा है कि यह संसद का कर्तव्य है कि वह वकालत के पेशे के लिए एक सही फीस निर्धारित करे। लॉ कमीशन ने वकालत के लिए नियामक निकाय का सुझाव भी दिया ताकि इस पेशे में जवाबदेही को सुनिश्चित किया जा सके।
हिस्सा मांगते हैं
बेंच ने कहा, ऐसा भी देखा गया है कि वकील अपने मुवक्किलों से कोर्ट द्वारा दी गई आर्थिक सहायता में भी हिस्सा मांगते हैं। कोर्ट ने कहा कि यह पेशेवर रूप से गलत है। ऐसे वकीलों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होनी चहिए।
बेंच ने यह भी कहा
इसमें कोई संदेह नहीं है कि लीगल प्रोफेशन न्याय प्राप्त करने के लिए बेहद जरूरी है और कानून बनाए रखने में इसका अहम स्थान है लेकिन नागरिकों को न्याय दिलाना और उनके मौलिक व अन्य अधिकारों की रक्षा करना भी इस प्रोफेशन का महत्वपूर्ण कर्तव्य है। क्या कानूनी पेशे में किए जा रहे कदाचार के आधार पर किसी को न्याय दिए जाने से रोका जा सकता है?

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