मौत के बाद ऐसा हुआ कि चौंक उठे, परिजन बोले चमत्कार हुआ

By 05:24 PM, 11.January 2018 Custom Tag

ग्वालियर. लखनऊ से मायके डिलीवारी के लिए आई मां पर दुखों का पहाड़ टूट पडा। डिलीवरी के बाद से बीमार उनकी बेटी 1.5 के उपचार के बाद अस्पताल में वेेंटिलेटर पर आ गयी। डॉक्टरर्स ने जवाब दे दिया तो उसे घर ले आयी। बुधवार को  उसकी सांसें रूक गईं तो उसे अंतिम संस्कार के मुक्तिधाम लाया गया। हिंदू रिवाज के अनुसार गड्ढा खोदा गया। बच्ची को गड्ढे में रखने के लिए जैसे ही कफन हटा कर गोद में लिया गया उसने आंखें खोल दीं।
भाऊ का बाजार में रहने वाली स्वाति की शादी लखनऊ में हुई है। वह डिलीवरी के लिए मायके आई थी। उसने 13 नवंबर को बेटी को जन्म दिया। बच्ची स्वस्थ थी लेकिन 10 दिन बाद बीमार हो गई तो उसे मेडिकल कॉलेज के कमलाराजा हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया था।
बच्ची को 10 दिन वेंटिलेटर पर रखा गया मंगलवार की शाम डॉक्टरों के जवाब देने पर परिजन उसे घर ले आए। बुधवार को बच्ची की सांसें थम गई शोक में डूबा परिवार उसे लेकर लक्ष्मीगंज मुक्ति धाम पहुंचा। बच्ची के हिंदू रीति से अंतिम संस्कार के लिए परिजन ने गड्ढा खोदा। आंसुओं में डूबे परिजन ने दफ्न करने से पूर्व बच्ची के चेहरे से कफन हटाया और उसके मुंह में गंगाजल की बूंदें डालीं तभी बच्ची ने आंखें खोल दीं।
लगभग 4 घंटे तक मृत मानी जा रही बच्ची के जिंदा होते ही परिजन की आंखों से बह रहे गम के आंसू खुशी में बदल गए। इसे भगवान का चमत्कार मान परिजन तत्काल दोबारा बच्ची को हॉस्पिटल ले गए। फिलहाल बच्ची की हालत स्थिर बनी हुई है और परिजन को उम्मीद है कि भगवान दोबारा जिंदा हुई बच्ची को स्वस्थ कर देंगे।
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